
तखतपुर/ सेवा सहकारी समिति मर्यादित लाखासार में खाद वितरण में कथित अनियमितता के मामले में सहकारिता विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, बिलासपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति के प्रभारी प्रबंधक भागबली यादव को तत्काल प्रभाव से प्रबंधकीय प्रभार से पृथक कर दिया गया है।

वहीं समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर विनय कुमार कौशिक को भी उनके वर्तमान कार्य से हटा दिया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार किसानों की शिकायतों के बाद मामले की जांच कराई गई थी। जांच के दौरान उर्वरक वितरण में अनियमितता से जुड़े तथ्यों का उल्लेख प्रतिवेदन में किया गया, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

उप आयुक्त सहकारिता ने संबंधित प्राधिकारी को आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित करने तथा इसकी सूचना उच्च कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए हैं।
30 जून 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जांच प्रतिवेदन एवं उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद यह निर्णय लिया गया है। विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि मामले में विभागीय जांच और नियमानुसार अन्य आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
गौरतलब है कि लाखासार सेवा सहकारी समिति में खाद वितरण को लेकर किसानों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थीं। शिकायतों में उर्वरक वितरण में अनियमितता और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे। इन्हीं शिकायतों के बाद सहकारिता एवं कृषि विभाग की संयुक्त जांच कराई गई थी।
सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई सहकारी समितियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। किसानों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से खाद वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी।


