अपराधछत्तीसगढ़

जली हुई लाश बनी ब्लाइंड मर्डर की पहेली, 72 घंटे में पुलिस ने खोला राज

प्रेमी ने पहले गला घोंटा, फिर पेट्रोल डालकर शव जलाया; पहचान छिपाने की रची थी साजिश

रायगढ़। तमनार-पूंजीपथरा मार्ग पर जली हुई अवस्था में मिली महिला की लाश का रहस्य आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया है। महज 72 घंटे के भीतर रायगढ़ पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए मृतिका के प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने प्रेम संबंधों में अविश्वास और विवाद के चलते महिला की हत्या कर शव को पेट्रोल डालकर जलाने की बात स्वीकार की है।

घटना 17 जून 2026 की है, जब तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले पगडंडी मार्ग पर मायाराम सालिकराम क्रेशर के समीप एक महिला का जला हुआ शव बरामद हुआ था। शव के आसपास घसीटने के निशान मिलने से पुलिस को हत्या कर साक्ष्य मिटाने की आशंका हुई थी।

पहचान ही थी सबसे बड़ी चुनौती

शव पूरी तरह जला होने के कारण मृतिका की पहचान पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर विशेष जांच टीम गठित की।

पुलिस ने महिला के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया, औद्योगिक क्षेत्रों और विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में प्रसारित किए। इसी दौरान जशपुर जिले के ग्राम बोरो से पहुंचे परिजनों ने कपड़ों और अन्य पहचान के आधार पर शव की पहचान मंगरिता एक्का (60 वर्ष) के रूप में की।

लिव-इन संबंध में रह रहे थे दोनों

जांच में सामने आया कि मृतिका कुछ समय से पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी कर रही थी और आरोपी इमिलीयूस तिग्गा के साथ लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में रह रही थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और वे पति-पत्नी की तरह जीवन बिता रहे थे।

पुलिस के अनुसार मृतिका को आरोपी पर दूसरी महिला से संबंध होने का संदेह था, जिस कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

महुआ पेड़ के नीचे हुआ खूनी विवाद

घटना वाले दिन दोनों साथ निकले थे। रास्ते में महुआ पेड़ के नीचे बैठकर शराब पीने के दौरान पुरानी बातों को लेकर विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने मृतिका की साड़ी से उसका गला घोंट दिया।

महिला की मौत होने के बाद आरोपी ने शव को झाड़ियों में छिपा दिया और बाद में पेट्रोल खरीदकर शव को क्रेशर डस्ट के पास ले जाकर जला दिया, ताकि उसकी पहचान न हो सके।

जशपुर से दबोचा गया आरोपी

मृतिका की पहचान होने के बाद पुलिस ने संदेही इमिलीयूस तिग्गा की तलाश शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र की मदद से पुलिस जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र तक पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाई।

पूछताछ में आरोपी ने हत्या की पूरी कहानी पुलिस को बताई। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पेट्रोल की बोतल, माचिस, कपड़े और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए।

इन पुलिसकर्मियों ने सुलझाई गुत्थी

पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, पीएसआई मनीष पोया, प्रधान आरक्षक विनीत तिर्की, सतीश सिंह, आरक्षक विक्रम कुजूर, विनय तिवारी, विनोद शर्मा, हेमसागर पटेल, नरेन्द्र पैंकरा, शेखर चन्द्राकर एवं सुरेश सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी बोले—अपराधी बच नहीं सकते

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गंभीर अपराधों की जांच में तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्य और सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। अपराध कितना भी जटिल क्यों न हो, आरोपी को कानून के दायरे में लाना रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है।

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